The War Drums are clearly sounding

By Justice Markandey KatjuThe war drums can clearly be heard in our sub continent. The 'surgical' strike by the Indian army 3 kms. inside POK is said to have killed 50 terrorists and hit 7 of their camps and has been widely acclaimed in India as a great victory, with a lot of clapping and cheering. But it is doubtful whether the 'surgery' destroyed all the cancer cells. In fact it is likely to cause more metastasis.

'द्रोपदी' के मंचन और इप्टा के सम्मलेन में हिन्दुत्ववादियों का हंगामा किस तरफ इशारा कर रहा?

अभिव्यक्ति की आज़ादी और आलोचनात्मक विवेक पर जारी हमलों के ख़िलाफ़ एकजुट हों! हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय में ‘द्रौपदी’ के मंचन को लेकर खड़ा किया गया हंगामा और इंदौर में इप्टा के राष्ट्रीय सम्मलेन में तोड़-फोड़ की कोशिश — हाल की ये दोनों घटनाएं बताती हैं कि राष्ट्रवादी उन्माद फैलाकर आलोचनात्मक आवाजों को दबा देने की नीति पर आरएसएस और उससे जुड़े अनगिनत संगठन लगातार, अपनी पूरी आक्रामकता के साथ सक्रिय हैं. हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय में विगत 21 सितम्बर को महाश्वेता देवी को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी...

शक्‍ति आराधना के पीछे का सच

भारत उत्‍सवों का देश है, भारत ज्ञान का देश है, भारत कोतुहल का देश है, भारत साधना का देश है और ये भारत ही है जो मंगल गान का देश है। शारदीय नौ-रात्र चल रहे हैं। सर्दी आने के पूर्व उत्‍सव धर्मी भारत में नौरात्र आते हैं तो चारो ओर शक्‍ति आराधना का दृष्‍य देखने को मिलता है। मां के जयकारे के साथ कन्‍या पूजन, जगह-जगह भण्‍डारे, गरीबों को दान देने की जैसे एक परंपरा साक्षात हो उठती है। किंतु इस वाह्य कर्मकाण्‍ड का आंतरिक पक्ष भी है जो हम सभी को जरूर जानना चाहिए।

चैनल चला रहा है आरएब्ल्यूए का प्रेसिडेंट

एक दर्जन से ज्यादा लोगों का इस्तीफा.... यूपी/उत्तराखंड चैनल के तथाकथित आउटपुट इंचार्ज और अपने सोसाइटी के RWA प्रेसिडेंट से परेशान हो कर पिछले कुछ दिनों में एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने इस्तीफा दे दिया है। इससे ठीक पहले चैनल का पूरा ग्राफिक्स डिपार्टमेंट सामूहिक इस्तीफा दे कर चैनल को अलविदा बोला था। संभावना है कि आने वाले कुछ दिनों में चैनल के कुछ मजबूत स्तंभ भी अपना पिंड छुड़ाकर निकलेंगे। कई चैनलों के कंटेट को चुराकर लगातार प्रयोग के कारण टीआरपी की दौड़ में ये चैनल लंबे वक्त से तीसरे-चौथे नंबर पर...

गाय से नहीं संभला पिछला विधानसभा चुनाव तो अब घोड़ा (सेना) से दाँव खेल रहे!

जिस किस्म का राष्ट्रवाद आया है भाजपा राज में, यही राष्ट्रवाद पाकिस्तान में दशकों से है Shayak Alok : यह जिस किस्म का राष्ट्रवाद आया है भाजपा राज में, यही राष्ट्रवाद पाकिस्तान में दशकों से है. कोई कुछ नहीं पूछता और इंशाल्लाह माशाल्लाह करते रहते हैं. हसन निसार, नज्म सेठी, हुडबोय, रउफ क्लसरा, मोईद युसूफ टाइप लोग सेन्स बक देते हैं तो सोशल मीडिया पर गालियों के शिकार होते हैं. एक एक पाकिस्तानी इस पर यकीन रखता है कि भारत से सब युद्ध पाकिस्तान ने जीते. वे सेना को भारी पवित्र मानते हैं.

तकदीर के तिराहे पर नवजोत सिंह सिद्धू : ...क्योंकि राजनीति कोई चुटकला नहीं है

-निरंजन परिहार- आप जब ये पंक्तियां पढ़ रहे होंगे, तब तक संभव है नवजोत सिंह सिद्धू को नया राजनीतिक ठिकाना मिल गया होगा। लेकिन सियासत के चक्रव्यूह में सिद्धू की सांसे फूली हुई दिख रही हैं। पहली बार वे बहुत परेशान हैं। जिस पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया, और जिसे वे मां कहते रहे हैं, उस बीजेपी से वे अलग हो चुके हैं। कांग्रेस में भाव नहीं मिल रहा है और केजरीवाल की पार्टी सौदेबाजी स्वीकारने को तैयार नहीं लगती। गुरू के साथ राजनीति के मैदान में कोई गेम हो गया लगता है...!

आखिर अहिंसा के पुजारी का घर अशांत क्यों?

प्रिय बापू"हैप्पी बर्थ डे!" हम जब से स्कूल जाना शुरू किये तभी से आपका जन्मदिन मना रहे,ये अलग बात है कि कभी दो लड्डू के लालच में और बाद में छुट्टी के रूप में। जब भी आपकी चर्चा होती है गोल चश्मे और लाठी लिए, इस गीत के साथ "दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल" आपकी छवि सामने आ जाती है। आप बहुत सौभाग्यशाली लोगों में से एक थे जिनको गुलाम भारत में भी लंदन पढ़ने का मौका मिला और आपने इस अवसर का भरपूर दोहन किया तथा एक स्वाभिमानी बैरिस्टर और प्रभावशाली वैश्विक नेता बने जिसे हम नटॉल से नौआखली तक आपके संघर्...

राहिल में शरीफ को जनरल मुशर्रफ दिखने लगे हैं!

Rana Yashwant : पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ का कार्यकाल बढना तय-सा लग रहा है. भारत के साथ पाकिस्तान का जो मौजूदा रिश्ता है, वो जनरल शरीफ के लिये बहुत मुफीद है. हालात जितने नाज़ुक रहेंगे, नए चीफ को कमान न देने का दबाव नवाज़ शरीफ पर उतना ही ज्यादा रहेगा. लिहाज़ा जनरल राहिल शरीफ को जबतक उन्हें एक्सटेंशन नहीं मिल जाता, तबतक वे भारत के साथ युद्द अब-हुआ, तब-हुआ सा माहौल बनाए रखेंगे. वैसे, नवाज़ शरीफ चाहते नहीं है कि वे राहिल की मियाद बढाएं, क्योंकि राहिल में शरीफ को जनरल मुशर्रफ दिखने लगे ह...

मुक्तिबोध का वैश्विक दृष्टिकोण : सन्दर्भ और महत्त्व

हिन्दू कालेज में मुक्तिबोध पर व्याख्यान : मुक्तिबोध की पेचीदा भाषा में हम अपनी दुनिया को समझ सकते हैं। वे इसी पेचीदा भाषा में आधुनिकता को देख रहे हैं, फासीवाद को देख रहे हैं और आगे की दुनिया को दिखा रहे हैं। मुक्तिबोध का संदर्भ स्वातन्त्र्योत्तर है। भूमंडलीकरण हमारी स्वतन्त्रता और संस्कृति पर खतरनाक असर डालेगा यह बात मुक्तिबोध ने भांप ली थी और क्लाड इथरली जैसी कहानियों में इसका संकेत भी मिलता है। उक्त विचार अमेरिका के पेनिसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में दक्षिण एशिया अध्ययन विभाग के डॉ. ग्रेगरी यंग...

देश को हथियार व्यापारियों के चंगुल में फंसने से बचाएं

Om Thanvi : बहस छिड़ी है कि सबूत हैं कि नहीं, सबूत दिखाए जाने चाहिए कि नहीं? ये बातें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हैं, इसलिए हम मान लें कि राष्ट्रहित में कुछ चीज़ें गोपनीय रहनी चाहिए। लेकिन यह भी सच है कि भारत एक लोकतन्त्र है। और लोकतंत्र में राजनैतिक नेतृत्व को न सिर्फ़ फ़ैसले करने का अधिकार है, बल्कि उठने वाले सवालों का जवाब देने की जवाबदेही भी उसकी है। सवाल उठाने का माहौल ख़त्म करने की चेष्टा, सवाल उठाने वालों को अपराधी, देशद्रोही आदि क़रार देने की प्रथा नाज़ी दौर में रही होगी - लोकतंत्र में व...